Saturday, May 6, 2017

मुझे कमअक़्ल कहती है, बहुत कच्चा समझती है मगर हर बात ही में माँ मुझे सच्चा समझती है खुदा के फ़ज़्ल से नाती नवासों से भरा है घर मगर इस उम्र में भी माँ मुझे बच्चा समझती है

मुझे कमअक़्ल  कहती  है,  बहुत  कच्चा समझती है
मगर  हर   बात  ही   में  माँ  मुझे  सच्चा समझती है

खुदा  के  फ़ज़्ल  से  नाती  नवासों से  भरा है घर
मगर   इस  उम्र  में  भी   माँ   मुझे   बच्चा समझती है

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