वेद सब सत्य विद्याओं का पुस्तक है, वेद का पढना पढाना और सुनना सुनाना सब आर्यों का परम् धर्म है।
- महर्षि दयानन्द सरस्वती
( आर्य= वेद को ईश्वरीय ज्ञान मानने वाले अर्थात् हिन्दू, तथा वे सभी जो श्रेष्ठ बनने हेतु सत्य के ग्रहण व असत्य के त्याग करने मे सर्वदा उद्यत हैं।)
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