Friday, May 5, 2017

*लिए बहारें आँचल में , जब चैत्र प्रतिपदा आएगी ।* *फूलों का श्रृंगार करके , धरती दुल्हन बन जाएगी ।।* *मौसम बड़ा सुहाना होगा , दिल सबके खिल जाएँगे ।* *झूमेंगी फसलें खेतों में , हम गीत खुशी के गाएँगे ।।* *उठो खुद को पहचानो , यूँ कबतक सोते रहोगे तुम ।* *चिन्ह गुलामी के कंधों पर , कबतक ढोते रहोगे तुम ।।* *अपनी समृद्ध परंपराओं का , आओ मिलकर मान बढ़ाएंगे ।* *आर्यवृत के वासी हैं हम , अब अपना नववर्ष मनाएंगे ।।*आगमी नव बर्ष २०७४ चैत शुक्ल प्रतिपदा की शुभ कामनाएं आपको आपके परिवार सहित! मंगलमय हो आपका नया बर्ष

*लिए बहारें आँचल में , जब चैत्र प्रतिपदा आएगी ।*
*फूलों का श्रृंगार करके , धरती दुल्हन बन जाएगी ।।*
*मौसम बड़ा सुहाना होगा , दिल सबके खिल जाएँगे ।*
*झूमेंगी फसलें खेतों में , हम गीत खुशी के गाएँगे ।।*
*उठो खुद को पहचानो , यूँ कबतक सोते रहोगे तुम ।*
*चिन्ह गुलामी के कंधों पर , कबतक ढोते रहोगे तुम ।।*
*अपनी समृद्ध परंपराओं का , आओ मिलकर मान बढ़ाएंगे ।*
*आर्यवृत के वासी हैं हम , अब अपना नववर्ष मनाएंगे ।।*आगमी नव बर्ष २०७४ चैत शुक्ल प्रतिपदा की शुभ कामनाएं आपको आपके परिवार सहित!  मंगलमय हो आपका नया बर्ष

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