Tuesday, May 2, 2017

जिससे भी तुम प्रेम चाहोगे, वही सिकुड़ जाएगा, वही तुमसे दूर हट जाएगा। और जिसको भी तुम प्रेम दोगे.. बिना किसी मांग, बिना किसी शर्त के वही तुम्हारे निकट आ जाएगा और तुम्हारे हृदय को अनंत— अनंत संपदाओं से भर देगा। जय श्री राम

जिससे भी तुम प्रेम चाहोगे, वही सिकुड़ जाएगा, वही तुमसे दूर हट जाएगा।
और जिसको भी तुम प्रेम दोगे.. बिना किसी मांग, बिना किसी शर्त के वही तुम्हारे निकट आ जाएगा
और तुम्हारे हृदय को अनंत— अनंत संपदाओं से भर देगा।

जय श्री राम

No comments: