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*क्या खूब लिखा हैं किसी ने संगत का जरा ध्यान रखना साहब* *संगत आपकी ख़राब होगी और बदनाम माँ बाप और संस्कार होंगे* 🌴🌴🌴🌴🌴🌴
*नाम तो काँटों का ही लगेगा, ये सोचकर....*
*कई बार फूल भी, चुपचाप ज़ख्म दे जाते है....!!!!* 🍁🍁सुप्रभात🍁🍁
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