कान्वेन्ट का अर्थ-
सबसे पहले यह जानना आवश्यक है कि ये शब्द कहाँ से आया है तो आइये प्रकाश डालते हैं ।
ब्रिटेन में एक कानून था लिव इन रिलेशनशिप बिना किसी वैवाहिक संबंध के एक लड़का और एक लड़की का साथ में रहना।
जब साथ में रहते थे तो शारीरिक संबंध भी बन जाते थे तो इस प्रक्रिया के अनुसार संतान भी पैदा हो जाती थी तो उन संतानों को किसी चर्च में छोड़ दिया जाता था।
अब ब्रिटेन की सरकार के सामने यह गम्भीर समस्या हुई कि इन बच्चों का क्या किया जाये तब वहाँ की सरकार ने कान्वेन्ट खोले अर्थात जो बच्चे अनाथ होने के साथ साथ नाजायज हैं उनके लिए कान्वेन्ट बने।
उन अनाथ और नाजायज बच्चों को रिश्तों का एहसास कराने के लिए उन्होंने अनाथालयो में एक फादर एक मदर एक सिस्टर होती है क्योंकि ना तो उन बच्चों का कोई जायजा बाप है न माँ है न बहन है।।
तो कान्वेन्ट बना नाजायज बच्चों के लिए ।
अब अपनी मूर्खता देखिए जिनके जायजा माँ बाप भाई बहन सब हैं वो कान्वेन्ट में जाते है तो क्या हुआ एक बाप घर पर है और दूसरा कान्वेन्ट में जिसे फादर कहते हैं ।
आज जिसे देखो कान्वेन्ट खोल रहा है जैसे बजरंग बली कान्वेन्ट स्कूल, माँ भगवती कान्वेन्ट स्कूल ।
अब कौन समझाये कि भइया माँ भगवती या बजरंग बली का कान्वेन्ट से क्या लेना देना।
मै सभी महानुभावो से निवेदन करता हूँ कि अपने बच्चों को इसाई बनने से बचाये............🙏🏻🙏🏻
Saturday, May 6, 2017
कान्वेन्ट का अर्थ- सबसे पहले यह जानना आवश्यक है कि ये शब्द कहाँ से आया है तो आइये प्रकाश डालते हैं । ब्रिटेन में एक कानून था लिव इन रिलेशनशिप बिना किसी वैवाहिक संबंध के एक लड़का और एक लड़की का साथ में रहना। जब साथ में रहते थे तो शारीरिक संबंध भी बन जाते थे तो इस प्रक्रिया के अनुसार संतान भी पैदा हो जाती थी तो उन संतानों को किसी चर्च में छोड़ दिया जाता था। अब ब्रिटेन की सरकार के सामने यह गम्भीर समस्या हुई कि इन बच्चों का क्या किया जाये तब वहाँ की सरकार ने कान्वेन्ट खोले अर्थात जो बच्चे अनाथ होने के साथ साथ नाजायज हैं उनके लिए कान्वेन्ट बने। उन अनाथ और नाजायज बच्चों को रिश्तों का एहसास कराने के लिए उन्होंने अनाथालयो में एक फादर एक मदर एक सिस्टर होती है क्योंकि ना तो उन बच्चों का कोई जायजा बाप है न माँ है न बहन है।। तो कान्वेन्ट बना नाजायज बच्चों के लिए । अब अपनी मूर्खता देखिए जिनके जायजा माँ बाप भाई बहन सब हैं वो कान्वेन्ट में जाते है तो क्या हुआ एक बाप घर पर है और दूसरा कान्वेन्ट में जिसे फादर कहते हैं । आज जिसे देखो कान्वेन्ट खोल रहा है जैसे बजरंग बली कान्वेन्ट स्कूल, माँ भगवती कान्वेन्ट स्कूल । अब कौन समझाये कि भइया माँ भगवती या बजरंग बली का कान्वेन्ट से क्या लेना देना। मै सभी महानुभावो से निवेदन करता हूँ कि अपने बच्चों को इसाई बनने से बचाये............🙏🏻🙏🏻
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